राधास्वामी सम्वत् 202
अर्ध-शतक 99      सोमवार   जून 08, 2020     अंक 26      दिवस 7

 सतसंग के उपदेश

भाग-3

(परम गुरु हुज़ूर साहबजी महाराज)

बचन (20)

लोग कहते हैं कि काफ़ी आमदनी होने से इन्सान आप से आप तरक़्क़ी कर जाता है, मगर यह ग़लत है। दौलत तो आम तौर पर इन्सान को अन्धा कर देती है। जो अक़्लमन्द हैं वे ही दौलत से फ़ायदा उठाते हैं बाक़ी सब उसके नशे में अन्धे हो जाते हैं। असली तरक़्क़ी इन्सान तभी कर सकता है जब उसकी रूहानियत में इज़ाफ़ा हो। बाज़ सतसंगी दरयाफ़्त करते हैं कि हिन्दुस्तान को तरक़्क़ी देने के लिये वे क्या उपाय करें ? सो जवाब यही है कि वे अपनी रूहानियत में इज़ाफ़ा करने की कोशिश करें। और रूहानियत में इज़ाफ़ा अपनी तवज्जुह मालिक या शब्द में जोड़ने से होता है लेकिन मालिक का दर्शन या शब्द से मेल हर किसी के बस की बात नहीं है इसलिये हर सतसंगी को चाहिये कि अपनी तवज्जुह बार बार अपनी सुरत की निशस्त के मुक़ाम पर लगावे यानी दिन में कई मर्तबा सुमिरन व ध्यान करे। ऐसा करने से उसकी रूहानियत में ज़रूर तरक़्क़ी होगी और उसका दिमाग़ शीतल, मन व इन्द्रियाँ ज़ेर और जिस्म तन्दुरुस्त रहेगा और नीज़ मालिक की दया हर वक्त़ संग रहेगी और अगर तमाम संगत या कम से कम काफ़ी सतसंगियों की ऐसी हालत हो जावे तो ख़ुद हमारी संगत की, हमारी आयन्दा आने वाली नस्लों की और कुल हिन्दुस्तान की तरक़्क़ी या उन्नति का लुत्फ़ देखने में आवे।

बचन (21)

सच्चा परमार्थी, चाहे उस पर कितना ही ज़ुल्म क्यों न हो, मालिक से हर किसी का भला ही चाहता है। वह किसी का बुरा करके ख़ुश नहीं होता। उसे दूसरों को दुखी देख कर कष्ट होता है इसलिये जहाँ तक मुमकिन होता है हर किसी की सिफ़ारिश ही करता है और उसके दिल से हर किसी की बेहतरी ही के लिये दुआ निकलती है। दुनिया में जो भी जीव आता है उसका दामन अव्वल तो आगे ही आलूदा होता है वरना ज़िन्दगी के दौरान में ज़रूर कुछ न कुछ आलूदा हो जाता है इसलिये किस किस की बुराई की जावे ? अलावा इसके बुराई करके सज़ा दिलवाने वाले तो बहुत हैं कोई सिफ़ारिश करके मुआफ़ी दिलवाने वाला भी होना चाहिये: नीज़ दूसरों के बुरे अंग ख़्याल में लाकर अपना चित्त क्यों मैला किया जावे ? जब क्रोध, इर्षा वगै़रह अंगों का ज़रा भी हमारे मन पर ग़लबा होता है तो हमारा अन्तरी तार फ़ौरन टूट जाता है और हम मालिक की याद के फ़ौरन् नाक़ाबिल हो जाते हैं और जब तक एक अर्सा झुरने व पछताने के बाद तार दोबारा जुड़ नहीं जाता हम बिल्कुल अन्धकार में झकोले खाते रहते हैं। सच्चा परमार्थी दूसरों की बुराइयों को ख़्याल में न लाने से इन सब झगड़ों से बचा रहता है।

 

दयालबाग़ समाचार

(5 मई-11 मई, 2020)

जनरल पार्टी के भाई बहनों ने पूरे सप्ताह सुबह व शाम दोनों समय कृषि सेवा में भाग लिया। निर्देशानुसार उन्होंने चाँदमारी का टीला, डी.ई.आई. रोज़ गार्डन, डी.ई.आई. बायो डायवर्सिटी पार्क, यमुना पम्प, दिल्ली कैम्प, कुआँ न. 4 व सिकन्दरपुर के पास खेतों में काम किया। सभी लोगों ने कृषिकार्य के दौरान कोरोना (कोविड-19) महामारी के बचाव के लिये जारी किए गए निर्देशों का पूर्णतः अनुपालन किया। सुपरमैन इवोल्यूशनरी स्कीम में रजिस्टर्ड बच्चों ने अपने माता/पिता/ मैनेजर्स के साथ कृषि सेवा में भाग लिया।

सतसंग कर्मभूमि पर प्रातः कृषि सेवा में शामिल होने वाले सभी लोगों को नाममात्र क़ीमत पर (या सेवा के एवज़ में) अमृत पेय (शुद्ध व पौष्टिक दूध) दिया गया।

पूरे सप्ताह पी.टी. ग्राउण्ड पर पी.टी. हुई। रविवार 10 मई, 2020 को विद्यार्थियों का सतसंग कृषिकार्य के दौरान हुआ। सुपरमैन स्कीम के बच्चे भी अपने माता/पिता/मैनेजर्स के साथ इसमें शामिल हुए। सुपरमैन फ़ेज़ I के बच्चों की ग्लोबल मार्चपास्ट, फ़ेज़ II के बच्चों की हेल्थ केयर पी.टी. तथा दयालबाग़ वीरांगनाओं (महिलाओं) की सेल्फ़ डिफ़ेंस और हेल्थ केयर पी.टी. भी कृषिकार्य के दौरान नियमित रूप से हुई।

11 मई, 2020 को अधिकतम तापमान 360C तथा न्यूनतम तापमान 210C रहा।